डी एल एड का फुल फॉर्म | योग्यता | पूरी जानकारी


डी एल एड क्या है आज हम इसके बारे में चर्चा करेंगे तो हम आपको बता दे कि यह अध्यापक बनने के लिए प्राप्त की जाने वाली शिक्षा है इस कोर्स को करने के बाद अध्यापक के पद पर नोकरी करने के लिए आवेदन कर सकते है अगर आप अध्यापक बनना चाहते हैं तो इस कोर्स में कैसे शुरुआत करनी है यह आपको बताया जयेगा डी एल एड की फुल फॉर्म क्या है से लेकर पूरी जानकारी आपको इस पोस्ट में दी जाएगी।

डी.एल.एड योग्यता | फुल फॉर्म | कोर्स डिटेल्स इन हिंदी

डी. एल. एड. की पूरी जानकारी 2020

डी अल एड एक कोर्स है जिसको अध्यापक बनने के लिए किया जाना जरूरी है, इसका संचालन एन सी आर टी के दिशा निर्देश में किया जाता है। यह दो साल का कोर्स है जिसको चार समेस्टर में बांटा गया है।

डी एल एड फुल फॉर्म इन हिंदी

डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन – Diploma in elementary education (d.el.ed)

डी एल एड के लिए योग्यता MP

इसमे आवेदन करने के लिए छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12th में न्यूनतम 50% अंक होना अनिवार्य है इसके अलावा अगर आप एससी/एसटी से हो तो आपको 5 प्रतिषत तक अंक की छूट भी है।

डी एल एड चयन प्रकिया

इस कोर्स में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग द्वारा परसेंट बेस पर मेरिट लिस्ट निकाली जाती है अगर मेरिट लिस्ट में नाम आता है तो वो कॉलेज में इस कोर्स के लिए चुने जाते है।

डी एल एड पाठ्यक्रम

इसके पाठ्यक्रम को चार भागों में बांटा गया है प्रथम समेस्टर, द्वितीय समेस्टर, तृतीय समेस्टर, चतुर्थ समेस्टर और इन चारों भागों में हेठ लिखे अनुसार पाठ्यक्रम है।

प्रथम समेस्टर में बाल विकास एवं सीखने की प्रक्रिया, शिक्षण अधिगम के सिद्धांत, विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, हिंदी,संस्कृत/ उर्दू, कंप्यूटर शिक्षा, “कला/ संगीत/ शारीरिक शिक्षा/ स्वास्थय शिक्षा” यह सब पाठ्यक्रम होते हैं।

द्वितीय समेस्टर में वर्तमान भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा के नवीन प्रयास, विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, हिंदी, अंग्रेजी,समाजोपयोगी उत्पादक कार्य यह सब पाठ्यक्रम होते है।

तृतीय समेस्टर में शैक्षिक मूल्यांकन, क्रियात्मक शोध एवं नवाचार, समावेशी शिक्षा, विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन, हिंदी, संस्कृत/ उर्दू , कंप्यूटर शिक्षा पाठ्यक्रम होते है।

चतुर्थ समेस्टर में आरंभिक स्तर पर भाषा के पढ़न / लेखन एवं गणितीय क्षमता का विकास, शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशासन, विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, हिंदी, अंग्रेजी, शान्ति शिक्षा एवं सतत विकास पाठ्यक्रम होते है।

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