सिंड्रेला की नई कहानी | cinderella ki kahani 2020


कहानियां हम सभी को पसंद होती हैं बचपन में हम सभी ने अपनी दादी या नानी से कहानियां सुनी हैं आज मैं आपको एक मशहूर फेयरी टेल्स स्टोरी “सिंड्रेला की कहानी” हिंदी में बताने वाला हूँ। आशा करता हूँ की आपको ये पसंद आएगी।

सिंड्रेला की नई कहानी

सिंड्रेला की कहानी

किसी समय एक राज्य हुआ करता था उस राज्य में एक व्यापारी रहा करता था जिसकी एक बहुत ही सुंदर बेटी थी जिसका नाम सिंड्रेला था इनका परिवार बहुत ही खुशहाल था जिसमें सिंड्रेला और उसके मम्मी पापा थे एक दिन सिंड्रेला की माँ की मृत्यु हो गई तो वह बहुत उदास रहने लगी।

सिंड्रेला के पिता ने दूसरी शादी कर ली ताकि सिंड्रेला को माँ का प्यार मिल सके जिससे सिंड्रेला के पिता ने शादी की थी उसकी पहले से दो बेटियाँ थी। सिंड्रेला के पिता ज्यादातर व्यापारी होने के कारण बाहर ही रहा करते थे। एक दिन सिंड्रेला के पिता व्यापार के लिए बाहर गए पर कभी लौट कर नहीं आये सिंड्रेला के पिता की मृत्यु हो चुकी थी।

सिंड्रेला के पिता की मृत्यु के बाद सिंड्रेला की सौतेली माँ और उसकी सौतेली बहेनो ने उसका जीना हराम कर दिया था घर का पूरा काम उस से ही करवाते और उसकी सौतेली बहनें उसके कपड़े पहनने लगी कपड़ो के नाम पर सिंड्रेला के पास बस कुछ पुराने से फ़टे हुए कपड़े ही रह गए थे कभी महारानियो की तरह रहने वाली सिंड्रेला अपने पिता की मृत्यु के बाद इतनी अकेली पड़ गयी थी कि उसको अपना ही ख्याल ना रहता था कई बार वह बिना खाना खाये ही सो जाती थी ऊपर से उसकी सौतेली माँ के जुल्म से वह बहुत परेशान रहने लगी थी। हर रोज शाम को थक कर वोह अंगीठी के पास ही सो जाती थी।

और उधर राज्य के राजकुमार का बेटा भी बड़ा हो चुका था जिसके लिए एक राजकुमारी को ढूंढा जा रहा था, राजकुमार के लिए राजकुमारी ढूंढने के लिये राज्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राज्य की सब कुवारी और जवान लड़कियों को आमंत्रित किया गया ताकी राजकुमार अपनी पसन्द की लड़की से शादी कर सके. पूरे राज्य की लड़कियाँ बहुत खुश और उत्साहित थी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए. सिंड्रेला के घर में भी यही खुशी का माहौल था उसकी दोनों बहनें और सिंड्रेला की सौतेली माँ भी कार्यक्रम में जाने के लिए बहुत उत्साहित थी। सिंड्रेला ने भी अपनी माँ से कार्यक्रम में जाने के लिए पूछा पर उसकी माँ ने उसे जाने से मना कर दिया और उसकी खुशियों को छीन लिया, सिंड्रेला बहुत उदास हो कर अपने-अपने मम्मी पापा को याद कर रोने लगी। यह सोच वोह रोये जा रही थी कि अगर मेरे भी मम्मी पापा आज होते तो उसे कभी जाने को ना रोकते। सिंड्रेला की सौतेली माँ और उसकी बहने कार्यक्रम में जाने के लिए निकल गयी थी।

इधर सिंड्रेला घर पर काम करते यही सब सोच रही थी कि राजकुमार कैसा लग रहा होगा इतने में वहा हवा में रोशनी-सी प्रकट होती ही जिसको देख सिंड्रेला घबरा जाती है उसके देखते ही देखते रौशनी फैलने लगती है और एक इंसान की परछाई में तब्दील होने लगती है कुछ ही पल बाद उस रोशनी की जगह एक बहुत सुंदर राजकुमारी जैसी दिखने वाली एक लड़की खडी थी जिसके भूरे बाल किसी बहते हुए झरने के जैसे लग रहे थे और उसकी आँखों में इतनी गहराई थी कि कोई भी देखे तो अपने होश खो बैठे सिंड्रेला भी उसको देख मदहोश-सी हो गयी लेकिन जब उसे उसके होने का एहसास हुआ तो वोह डर-सी गयी लेकिन उस सामने वाली लड़की जिसके हाथ में एक छड़ी थी उसने कहा डरो मत में स्वर्गलोक से आई हूँ और आपकी माँ मुझे आपके पास भेजा है तुम्हे राजकुमार के कार्यक्रम में भेजने के लिए आई हूँ।

उसकी बातें सुन सिंड्रेला का चेहरा खुशी से भर गया पर दूसरे ही पल वह उदास होकर बोली “मेरे पास तो अच्छे कपड़े नहीं है पहनने को और कार्यक्रम भी शुरू होने वाला होगा में कैसे जा पाउंगी” यह सुनते ही वोह लड़की मुस्करायी ओर अपनी छड़ी से उसके कपड़ो को छुआ तो उसके फटे पुराने कपड़े किसी राजकुमारी के कपड़ों मैं बदल गए और उसके पैरों में कांच की सेंडल आ गयी जो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी अब सिंड्रेला भी किसी परी से कम नहीं लग रही थी उसे देख ऐसा लग रहा था कि जैसे अभी-अभी आसमान से कोई परी जमीन पर उत्तर आयी हो, उसके बाद उस लडक़ी ने अपनी छड़ी घुमाई और सिंड्रेला के सामने बग्गी और घोड़ो के साथ एक बग्गी चालक प्रकट हो गया। इस सब के बाद उस लड़की ने सिंड्रेला से विदा ली और उसको यह बताते हुए गायब हो गयी कि ध्यान रहे यह सब कुछ 12 बजते ही गायब हो जाएगा और तुम अपने पहले वाले रूप में आ जाओगी।

सिंड्रेला बग्गी पर बैठी और बग्गी चालक ने बग्गी को महल की तरफ दौड़ा दिया बग्गी अपनी पूरी रफ्तार से जा रही थी और जा कर महल के बाहर रुक गयी सिंड्रेला बग्गी से उत्तरी और महल में प्रवेश किया जैसे ही सिंड्रेला ने महल के अन्दर अपना कदम रखा तो सब उसको ही देखते रह गए वोह बहुत सुंदर किसी परी के जैसे लग रही थी और यहाँ तक उसकी बहने ओर उसकी सौतेली माँ भी उसको पहचान नहीं पाई इतने मैं राजकुमार वहाँ प्रवेश करता है राजकुमार भी सिंड्रेला को देख कर देखता ही रह गया और सबको नजरअंदाज करके सीधा सिंड्रेला के पास आया उसके हाथ को अपने हाथ में लिया और डांस करने के लिए पूछा सिंड्रेला ने बिना कोई देरी किये हा में सिर हिला कर हामी भरी, उसके बाद राजकुमार सिंड्रेला के साथ डांस करने लगा और वहाँ मजूद हर कोई लड़की सिंड्रेला को देख जल रही थी।

सिंड्रेला राजकुमार के साथ डांस कर रही होती है कि तभी उसकी नजर घड़ी पर जाती है जिस में 12 बजने में कुछ ही समय बाकी था तभी उसे परी की कही हुई बात याद आती है कि 12 बजते ही सब जादू खत्म हो जाएगा और वह पहले जैसी हो जाएगी यह याद आते ही सिंड्रेला राजकुमार को धक्का देकर बाहर की तरफ भागने लगती है राजकुमार उसके पीछे भागता है भागते हुए सिंड्रेला का कांच का वोह सैंडल पैर से निकल कर वही सीढ़ियों पर छूट जाता है और सिंड्रेला उसे बिना उठाये भाग जाती है जब तक राजकुमार उसका पीछा करता है तब तक सिंड्रेला वहाँ से बहुत दूर जा चुकी थी पर उसका सैंडल राजकुमार को मिल जाता है, जिसको उठा कर वोह अपने राजमहल में ले जाता है राजकुमार पूरी रात उसकी यादों में बिताता है इधर सिंड्रेला को भी उसके साथ बताय कुछ पल याद आ रहे होते है।

अगली सुबह होते ही राजकुमार अपने सैनिकों को आदेश देता है कि पूरे राज्य मैं जितनी भी लडकिया है सब को यह सैंडल पहनाया जाए जिसके पैर में यह सैंडल आएगा हम उस से ही शादी करेंगे, राजकुमार का आदेश सुनते ही उसके सैनिक पूरे राज्य के घर-घर जा कर हर लड़की को सैंडल पहना कर देखते हैं लेकिन किसी के पाओ में सैंडल सही नहीं आता और आखिर सैनिक सिंड्रेला के घर आते सिंड्रेला के घर में उसकी दोनो बहनों के पैर में सैंडल पहनाया जाता है लेकिन उन दोनों को भी पूरा नहीं आता इतने मैं वहाँ सिंड्रेला आती है सैनिक उसको देख बोलते है तुम भी यह सैंडल पहनो पर उसकी सौतेली माँ कहती है यह तो नोकरानी है इसको पहनाने की क्या ज़रूरत है

इतने में एक सैनिक गुस्से से बोलता है राजकुमार का आदेश है राज्य की हर लड़की को सैंडल पहना कर देखा जाएगा। सिंड्रेला सैंडल को लेकर अपने पांव में डालती है उसके पैर मैं सैंडल पूरा आ जाता है यह देख उसकी बहने और उसकी माँ की आंखे फटी रह जाती है लेकिन सिंड्रेला के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान आ जाती है। सैनिक उसको राजमहल में लेकर जाते है राजकुमार उसकी आँखों में देखते ही पहचान जाता है कि यह वही लडक़ी है उसके बाद राजकुमार उस से शादी कर लेता है और दोनों ही इस शादी से बहुत खुश होते है।

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