गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं शायरी 2021

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं शायरी 2021

गणतंत्र दिवस पर शायरी

जिन्होंने देश के लिए जान लुटा दी

ऐसे वीर भारत में ही मिलते हैं

उन वीरो को कभी ना भुलाना

जिनकी वजह से हम आजाद रहते हैं

 

वो सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने

अंग्रेजों के हाथों से देश छुड़ाया था

अपना खून बहाकर योद्धाओं ने

इस देश को आज़ाद कराया था

 

दाग गुलामी का हटाना ज़रूरी था

देश को आज़ाद कराना जरूरी था

हम किसी के गुलाम नहीं रह सकते

इसलिए अंग्रेजों को भगाना ज़रूरी था

 

जिन्होंने जान दी अपनी देश खातिर

उनको कभी भुला मत देना

बहुत कुर्बानियां देकर मिली है आज़ादी

इसे व्यर्थ ही गवां मत देना

 

जो मिटा देते हैं सांसे देश के लिए

लोगों के दिल में उनका नाम आता है

कितने किस्तम वाले होते हैं वो लोग

जिनका खून देश के काम आता है

 

तेरा मेरा करना छोड़ दो,

धर्म के नाम पर लड़ना छोड़ दो

यह देश है भारत के हर नागरिक का

इस देश को बाँटना छोड़ दो

गणतंत्र दिवस पर शुभकामना संदेश

चुम कर लगा लिया फांसी को सीने से

आज़ादी की लड़ाई में ऐसे वीरो का भी नाम आता है

जिन्होंने खा ली गोलियां सीने पर देश की खातिर

उनकी तस्वीरों के आगे हमारा सिर झुक जाता है

 

शहीद भगत सिंह जैसे वीरों ने

अपना जीवन देश के नाम लगाया था

ऐसे बहुत से अमर शहीद है भारत में

जिन्होंने आज़ादी के लिए खून बहाया था

 

छोड़ दो आपस में लड़ना यारो

इस देश को दुश्मनों से बचा लो

देश की बातें बाहर ना जाने दो

जो मसले है आपस में बैठ कर सुलझा लो

 

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाएंगे

सब धर्मों के लोग मिलजर तिरंगा लहरायेंगे

इस गणतंत्र दिवस प्रण लो सब मिलकर

ज़रूरत पड़ने पर देश के लिए कुर्बान हो जाएंगे

26 जनवरी पर शायरी 2021

वतन को गैर हाथों में कोई छोड़ ना जाए

धर्मों के नाम पर हमें कोई तोड़ ना जाए

आँखें और दिमाग खुला रखना यारो

देश को कोई गुलामी के रास्ते मोड़ ना जाए

 

एक साल बाद फिर से 26 जनवरी आयी है

इस दिन ने हमें शहीदों की याद दिलाई है

चलो करते हैं उन शहीदों को सलाम मिलकर

जिन्होंने खून बहाकर हमें आज़ादी दिलाई है

 

उन वीरों ने देश में क्रांति फैलाई थी

लोगों के दिलों में आज़ादी की आग लगायी थी

खुद शहीद होकर उन्होंने सब को आजाद कराया था

गुलामी की जंज़ीरों को तोड़कर दिखाया था

 

देश के लिए क़ुर्बान होकर इतिहास बना गए

अपना नाम आज़ादी के पन्नों पर लिखा गए

जिसने भी पढ़ा भारत की आज़ादी का इतिहास

वो अमर शहीद उसके दिल में जगह बना गए

 

देश के लिए काम करते जाओ

देश का नाम इतिहास में जड़ते जाओ

सब रहो मिलकर दिल के दरवाजे खोलो

सब एक साथ मिलकर वंदे मातरम बोलो

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