ईशान आग्नेय वायव्य नैऋत्य कोण कैसे पहचाने


अगर आप घर को वास्तु शास्त्र के अनुरूप बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको दिशाओं का सही ज्ञान होना बहुत आवश्यक है तभी आप सही दिशा में सही चीज को व्यवस्थित कर पाएंगे। सामान्यतः दिशाएं चार प्रकार की होती है – पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण लेकिन क्या आपको पता है इसके अलावा 4 दिशाएं और भी होती हैं।

वास्तु शास्त्र में पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण के अलावा ईशान, आग्नेय, वायव्य, नैर्ऋत्य दिशा भी होती है इन्हे विदिशा अथवा कोण भी कहा जाता है।

ईशान, आग्नेय, वायव्य, नैर्ऋत्य

ईशान कोण किसे कहते है

पूर्व दिशा और दक्षिण दिशा के बीच की दिशा को ईशान कोण कहते हैं।

आग्नेय कोण किसे कहते है

पूर्व दिशा और उत्तर दिशा के बीच की दिशा को आग्नेश कोण कहते हैं।

वायव्य कोण किसे कहते है

उत्तर दिशा और पश्चिम दिशा के बीच की दिशा को वायव्य कोण कहते हैं।

नैर्ऋत्य कोण किसे कहते है

दक्षिण दिशा और पश्चिम दिशा के बीच की दिशा को नैर्ऋत्य कोण कहते हैं।

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